मेहता परिवार की अगुवाई में तीसरी बार सजा “श्री शिव महापुराण कथा” का दरबार, पहले दिन उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब

बठिंडा में भक्ति व श्रद्धा का महासंगम, शिव भजनों पर झूम उठा बठिंडा
पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने मेहता परिवार को दिया आशीर्वाद, बोले: भाग्यशाली है बठिंडा की धरती
बठिंडा। पंजाब के दिल मालवा क्षेत्र के ऐतिहासिक शहर बठिंडा में एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और शिवमय वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब अंतरराष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा जी द्वारा तीसरी बार “श्री शिव महापुराण कथा” का भव्य शुभारंभ किया गया।
कथा के पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि बठिंडा की धरती पर आयोजित होने वाला यह आध्यात्मिक महाकुंभ अब केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। कथा स्थल पर एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया था और दोपहर तक पूरा पंडाल हर-हर महादेव तथा जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा।
कथा के शुभारंभ अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने सबसे पहले पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान श्री अमरजीत मेहता, उनके सुपुत्र एवं बठिंडा के मेयर श्री पदमजीत सिंह मेहता, मेयर साहिब के माताश्री श्रीमती बबीता मेहता, बहन मिस सपना मेहता तथा समूचे मेहता परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बठिंडा की धरती वास्तव में भाग्यशाली है, जहां मेहता परिवार के सतत प्रयासों और धार्मिक भावना के कारण लगातार तीसरी बार “श्री शिव महापुराण कथा” का आयोजन संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जिस नगर में भगवान शिव की कथा बार-बार आयोजित होती है, वहां सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का निवास होता है।
इस अवसर पर विशेष रूप से कथा श्रवण करने के लिए सीनियर कप्तान पुलिस आईपीएस ज्योति यादव बैंस भी पहुंचीं। उन्होंने कथा का श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथावाचन के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने भगवान शिव की महिमा का अत्यंत सरल, सरस और भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार करते हैं।
उन्होंने बेलपत्र के महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि शिवलिंग पर श्रद्धा पूर्वक बेलपत्र अर्पित करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसके साथ ही उन्होंने रुद्राक्ष धारण करने के धार्मिक एवं आध्यात्मिक लाभों की भी विस्तार से जानकारी दी।
अपने ओजस्वी प्रवचन में उन्होंने कहा कि भगवान शिव को समर्पित एक लोटा जल भी जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान करने की शक्ति रखता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण करने, शिवलिंग पर जल अर्पित करने तथा सदाचार एवं सेवा भाव के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कथा के दौरान उनकी वाणी और आध्यात्मिक संदेशों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
जैसे ही पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने शिव भजनों का गायन प्रारंभ किया, पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। हजारों-लाखों श्रद्धालु अपने स्थानों पर खड़े होकर शिव भजनों पर झूमने लगे।
भक्ति के इस महासागर में मेहता परिवार का उत्साह भी देखने योग्य रहा। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान श्री अमरजीत मेहता तथा मेयर श्री पदमजीत सिंह मेहता श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनके साथ शिव भजनों पर झूमते नजर आए। पहले दिन की कथा के समापन पर मेहता परिवार ने भगवान शिव की आरती में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

उल्लेखनीय है कि बठिंडा के पटेल नगर में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के सामने विशाल कथा पंडाल में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य धार्मिक आयोजन 24 जून तक निरंतर चलेगा। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।




