महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा और गाली-गलौज पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन
बठिंडा, जून : भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं समाजसेविका वीनू गोयल ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ महिलाओं के खिलाफ पुरुषों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अभद्र भाषा और अपमानजनक गालियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा इसके लिए सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान को ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन पर शहर और विभिन्न क्षेत्रों की सैकड़ों महिलाओं ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने वीनू गोयल को भरोसा दिलाया कि वे इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए पूरा सहयोग देंगी। श्रीमती गोयल ने कहा कि जब दलित समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा और टिप्पणियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जा सकते हैं, तो महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए भी ऐसे प्रभावी कानूनी प्रावधान किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि लड़कियों का कार्य केवल घर बसाना नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करना भी है। आज भी कई स्थानों पर महिला होना ही मानो अपराध समझा जाता है। उन्होंने कहा कि अक्सर झगड़े या विवाद के दौरान पुरुष गुस्से में मां और बहन के रूप में महिलाओं को निशाना बनाते हुए अपमानजनक गालियों का प्रयोग करते हैं, जो न केवल महिलाओं का बल्कि पूरे समाज का अपमान है।
वीनू गोयल ने कहा कि जब केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, तो उसे व्यवहारिक रूप देने के लिए महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली अशोभनीय टिप्पणियों और गाली-गलौज जैसी मानसिकता पर रोक लगाने हेतु सख्त कानून बनाया जाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विश्व के महान संत गुरु नानक देव जी ने महिलाओं को उच्च सम्मान और दर्जा दिया था, इसलिए महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की मांग रखें।
समाजसेविका एवं भाजपा महिला मोर्चा की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीनू गोयल ने कहा कि वह इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी और इसे व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।




